Collector Sahiba In Hindi 🆕 Direct Link
यहाँ ब्लॉग पोस्ट "कलेक्टर साहिबा" (महिला जिलाधिकारी) के विषय में हिंदी में प्रस्तुत है:
कलेक्टर साहिबा की सबसे बड़ी खूबी है - फैसले लेने की क्षमता। बाढ़, सूखा, कानून-व्यवस्था या विकास कार्य, वह हर मोर्चे पर पुरुष सहयोगियों को टक्कर देती हैं। लेकिन साथ ही, उनमें एक मां और बेटी वाली संवेदनशीलता भी होती है। collector sahiba in hindi
नमस्कार दोस्तों, लेकिन याद रखिए
तो अगली बार जब आप किसी कलेक्टर साहिबा से मिलें, तो निडर होकर अपनी बात रखें। वह आपको सुनेंगी, आपकी समस्या का हल ढूंढेंगी, लेकिन कानून के दायरे में। हाँ, हो सकता है वह आपको डांट भी दें, लेकिन याद रखिए, वह डांट एक मां या बहन की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसी शासक की होगी जो अपने जिले की हर जनता की सुरक्षा और विकास के लिए जिम्मेदार है। तो मन में एक सख्त
आज के दौर में जब हम 'कलेक्टर' शब्द सुनते हैं, तो मन में एक सख्त, दबंग और अक्सर पुरुष चेहरे की छवि उभरती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह तस्वीर तेजी से बदली है। अब जिले की कमान ‘कलेक्टर साहिबा’ के हाथों में भी है। आज के इस ब्लॉग में बात करेंगे एक ऐसी ही कलेक्टर साहिबा की, जो न सिर्फ कुर्सी की गरिमा बढ़ाती हैं, बल्कि हर उस स्टीरियोटाइप को तोड़ती हैं, जो समाज ने बना रखा है।
दफ्तर में जब वह प्रवेश करती हैं, तो उनके आत्मविश्वास से हवा भारी हो जाती है। सफेद शर्ट, स्लेटी साड़ी और हाथ में फ़ाइल। न तो अति आडंबर, न ही असुरक्षा। कलेक्टर साहिबा अपने फैसलों के लिए जानी जाती हैं। उन्हें 'मैडम' कहलवाना पसंद नहीं, बल्कि अधिकार और जिम्मेदारी के लिए वह 'साहिबा' का दर्जा चाहती हैं। और यह दर्जा वह कामयाबी से हासिल भी करती हैं।
यह रास्ता फूलों की सेज नहीं है। अक्सर पुरुष अधिकारियों को किसी महिला से ऑर्डर लेना मुश्किल लगता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार तो सीधा सवाल आता है - "मैडम, आप तो औरत हो, आप कैसे सुनिश्चित करोगी कि गुंडे दबे रहें?" ऐसे में कलेक्टर साहिबा अपनी मुस्कान के साथ जवाब देती हैं - "गुंडे जेंडर नहीं देखते, लेकिन पुलिस बुलाते वक्त ज़रूर देखते हैं कि किसकी ताकत उनके ऊपर है।"