तांत्रिक की काली शक्तियां पिघलने लगती हैं। वो रोता हुआ भागता है, लेकिन शिनचान की एक आखिरी – तांत्रिक अपनी ही जादू की जाली में फंसकर गायब हो जाता है। अध्याय 6: हैप्पी एंड (और शिनचान की सजा) सब ठीक हो जाता है। लोगों की यादें लौट आती हैं। मित्ज़ी को याद आता है कि शिनचान उसका बेटा है – और अगले ही पल उसने शिनचान के सिर पर चप्पल रख दी, क्योंकि उसने फ्रिज का सारा दूध पी लिया था।
और फिर वह जवाब देता है – – ये डायलॉग सुनते ही पूरा सिनेमा हॉल तालियों से गूंज उठता है। अध्याय 5: क्लाइमेक्स – तांत्रिक का अंत अंतिम युद्ध में, तांत्रिक अपनी काली शक्तियों से एक विशाल राक्षस बना लेता है। शिनचान के परिवार और दोस्त सब घायल हैं। तभी शिनचान को अपने पिता (हिरोशी) के कहे शब्द याद आते हैं – "जहां हंसी होती है, वहां अंधेरा टिक नहीं सकता।" Shinchan Movie Masala Story In Hindi
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इसी बीच, कसुकाबे में कुछ अजीब होने लगता है। लोग रातों-रात गायब हो जाते हैं। सब्जी मंडी में शिमला मिर्च की कीमतें तो ठीक हैं, लेकिन लोग अपनी याददाश्त खो बैठते हैं। मित्ज़ी (शिनचान की माँ) सुबह उठकर भूल जाती है कि शिनचान उसका बेटा है और उसे "बच्चा संभालने वाली मशीन" समझने लगती है! असली ट्विस्ट तब आता है जब एक रहस्यमयी तांत्रिक बाबा "डॉ. चक्रचूड़ामणि" कसुकाबे में डेरा डालता है। उसका ऐलान है – "मैं इस पूरी दुनिया को अपने तांत्रिक जाल में फंसाऊंगा और सबको भूलने की बीमारी दे दूंगा।" उसका लक्ष्य है कसुकाबे का प्राचीन "हस्सी मंदिर", जहां से उसे असीमित शक्ति मिलती है। Shinchan Movie Masala Story In Hindi