The Pursuit Of Happyness Movie In Hindi Page
लेकिन उसी सप्ताह, मुसीबत आ गई। क्रिस की तनख्वाह पर IRS (इनकम टैक्स) ने सीधे बैंक अकाउंट से पैसे काट लिए। लिंडा इस जिंदगी से तंग आ चुकी थी। एक दिन वो कहती है, "क्रिस, तुम सिर्फ सपने बेचते हो। बस।" और वह चली जाती है – न्यूयॉर्क।
क्रिस की आँखों से पानी बह निकलता है। वो अपने बेटे को कस कर पकड़ लेता है। उसे लगता है कि अब वो डूब रहा है, लेकिन वो बच्चे के लिए तैरता रहेगा।
अब क्रिस अकेला है, अपने 5 साल के बेटे के साथ। The Pursuit Of Happyness Movie In Hindi
आखिरी दिन – ट्रेनिंग खत्म होती है। 20 में से 19 को निकाल दिया जाएगा। एक को नौकरी मिलेगी।
लेकिन मुसीबत – एक रात पुलिस क्रिस को गिरफ्तार कर लेती है क्योंकि उसके पास पार्किंग के जुर्माने भरने के पैसे नहीं थे। अगले दिन उसका इंटरव्यू है! वह पुलिस स्टेशन से सीधे, पेंटिंग के कपड़ों में, दौड़ता हुआ ऑफिस पहुँचता है। लेकिन उसी सप्ताह
कहानी यहाँ खत्म नहीं होती। वो क्रिस गार्डनर आगे चलकर अपनी खुद की मल्टीमिलियन डॉलर की फर्म के मालिक बनता है। लेकिन फिल्म का असली संदेश है – खुशी कोई जगह नहीं है, खुशी एक रास्ता है। वो रास्ता जहाँ तुम रोते हुए भी मुस्कुराते हो, भूखे रहकर भी सीखते हो, और टॉयलेट में रात बिताकर भी सुबह अपने बच्चे से कहते हो:
बॉस पूछते हैं, "क्रिस, अगर हम किसी ऐसे आदमी को hire करें, जो बिना शर्ट के आया हो, तो तुम क्या सोचोगे?" क्रिस हंसते हुए कहता है, "सर, उसने बहुत अच्छी पैंट पहनी होगी।" पेंटिंग के कपड़ों में
वे हर रात ग्लाइड मेमोरियल चर्च (एक बेघर शेल्टर) में लाइन में लगते हैं। एक रात, लाइन में खड़े-खड़े, सी.जे. अचानक कहता है, "पापा, सुनो।" चर्च के अंदर से एक गाना आता है – "लॉर्ड, डोंट मूव दैट माउंटेन..." (हे भगवान, उस पहाड़ को हटाना मत, बस मुझे चढ़ने की ताकत दे दो।)
